शब्दार्थ
बराए-ख़ंदा
baraaye-khanda
hiphrase
अर्थ
हँसने या मुस्कराने के लिए; हँसी की ख़ातिर।
विस्तार
यह फ़ारसी पदबंध 'हँसने या मुस्कराने के उद्देश्य से' के अर्थ में प्रयुक्त होता है। ग़ालिब के इस शे'र में इसका प्रयोग महबूब के दाँतों की शोख़ी और अदा को केवल तबस्सुम या हँसी के लिए होना बताने हेतु किया गया है। यह बनावटी गंभीरता के बरअक्स निष्कपट हँसी को रेखांकित करता है।
व्युत्पत्ति
Persian: 'barāye' (for, on account of) + 'khandah' (laughter, smile, from the verb khandīdan).
प्रयोग
Commonly employed in high-register classical ghazal to attribute intentionality to a beloved's smile or to contrast purpose with outcome.
उदाहरण
लब-ए-जानाँ की शोख़ी बराए-ख़ंदा है
हर तमाशा यहाँ बराए-ख़ंदा ठहरा
समानार्थी
हँसने के लिएब-जिहत-ए-ख़ंदाहँसी की ख़ातिर
संबंधित शब्द
जा-ए-ख़ंदाख़ंदाख़ंदा-ज़नतबस्सुम
