शब्दार्थ
बयाबान
bayābān
अर्थ
निर्जन वन, मरुस्थल, उजाड़ या वीराना।
विस्तार
उर्दू शायरी में 'बयाबान' एक ऐसे विशाल और सुनसान जंगल या रेगिस्तान को दर्शाता है जो अकेलेपन, दीवानगी या विनाश का प्रतीक है। ग़ालिब के इस शेर में यह 'बयाबान-ए-फ़ना' (नश्वरता का बीहड़) के रूप में प्रयुक्त हुआ है, जो इच्छाओं के सहरा के बाद आने वाली शून्यता को दर्शाता है। यह मानवीय अस्तित्व के मिट जाने और संसार की अंतिम निःसारता की तस्वीर पेश करता है।
व्युत्पत्ति
Persian (بیابان), historically derived from 'bī-' (without) + 'āb' (water) + suffix '-ān', literally meaning a waterless, arid place.
प्रयोग
Frequently deployed in classical ghazal as the setting for the lover's frantic wanderings (recalling Majnun) or as an allegorical space for mortality and existential estrangement.
उदाहरण
तन्हाई का बयाबान और मुसाफ़िर की बेबसी
इस पुर-हौल बयाबान में कोई साया नहीं मिलता
