शब्दार्थ
बयाँ
bayaan
hinoun
अर्थ
वर्णन, इज़हार, विवरण या कथन।
विस्तार
उर्दू शायरी में 'बयाँ' का तात्पर्य किसी मनोदशा, स्थिति या वृत्तांत के इज़हार अथवा वर्णन से है। प्रस्तुत शे'र में यह शबिस्ताँ (निजी शयनकक्ष) के असीम अंधेरे को शब्दों में बाँधने की लाचारी को व्यक्त करता है। यह पीड़ा और एकांत की उस स्थिति को दर्शाता है जो किसी भी अभिव्यक्ति से परे है।
व्युत्पत्ति
Arabic root ب-ي-ن (b-y-n), meaning clear or evident; entered Persian and Urdu as 'bayaan' (statement, exposition, eloquence).
प्रयोग
Frequently deployed in rhetorical queries like 'क्या बयाँ हो' or 'बयाँ किस से हो' to emphasize the sublime or unspeakable nature of love, beauty, and despair.
उदाहरण
हाल-ए-दिल का बयाँ अब मुमकिन नहीं।
किस ज़बाँ से बयाँ हो जुदाई का रंज।
समानार्थी
इज़हारवर्णनज़िक्रतशरीह
संबंधित शब्द
बयानइल्म-ए-बयानबयानिया
