शब्दार्थ
बनूँगा
banūṅgā
hiverb
अर्थ
मैं बनूँगा या हो जाऊँगा।
विस्तार
यह 'बनना' क्रिया का उत्तम पुरुष, एकवचन, भविष्यत काल का रूप है। इस शेर में शायर संकल्प लेता है कि वह केवल उसी का बंदा (सेवक) बनेगा जो ख़ुदा की मख़लूक़ से प्रेम करता है। यह ख़िदमत-ए-ख़ल्क़ और सच्ची इंसानी हमदर्दी के प्रति समर्पण का इज़हार है।
व्युत्पत्ति
Sanskrit 'वर्णयति' (varṇayati) or Prakrit roots leading to Old Hindi/Hindustani 'बनाना/बनना'.
प्रयोग
Commonly used in classical poetry to voice personal determination, devotion, or voluntary self-effacement before the beloved or humanity.
उदाहरण
तेरी राह की ख़ाक बनूँगा
मैं तेरे दर का फ़क़ीर बनूँगा
समानार्थी
होऊँगारहूँगा
संबंधित शब्द
बननाबनानाबंदा
