शब्दार्थ
बदले
badle
hipostposition
अर्थ
के स्थान पर; के एवज़ में; बजाए।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में 'बदले' का प्रयोग प्रायः संबंधबोधक रूप 'के बदले' (बजाए या एवज़ में) के तौर पर होता है। प्रस्तुत शे'र में शायर हमदर्द की बातों की जगह तेज़ ख़ंजर चाहता है ताकि उसे तिल-तिल कर न मरना पड़े। यहाँ यह शब्द व्यंग्यात्मक विकल्प या मक़बूल एवज़ को दर्शाता है।
व्युत्पत्ति
Derived from the Arabic root 'badal' (بدل), meaning substitute or exchange, naturalized into Urdu/Hindi with an oblique inflection.
प्रयोग
Frequently invoked in ghazal poetry to convey tragic bargains or prefer direct execution over agonizing emotional cruelty.
उदाहरण
आँसुओं के बदले आँख से लहू बहा
दिल के बदले ग़म ख़रीद लिया
समानार्थी
बजाएएवज़स्थान पर
संबंधित शब्द
बदलबदलामुबादला
