शब्दार्थ
बढ़ाई
baṛhāī
hiverb
अर्थ
लंबी की, विस्तार दिया या आगे बढ़ाई।
विस्तार
यह क्रिया 'बढ़ाना' का भूतकालिक स्त्रीलिंग रूप है, जिसका अर्थ किसी बात या स्थिति को लंबा करना अथवा विस्तार देना है। इस शेर में 'बात बढ़ाई' मुहावरे के रूप में प्रयुक्त हुआ है, जहाँ आशिक़ के अत्यधिक शौक़ और तड़प ने पत्र को दफ़्तर (लंबा पुलिंदा) बना दिया। यह शब्द उस स्थिति को दर्शाता है जब जज़्बातों की शिद्दत बात को बेवजह तूल दे देती है।
व्युत्पत्ति
From Sanskrit 'वर्धयति' (vardhayati - causes to increase), through Prakrit into Hindustani 'बढ़ाना / بڑھانا'.
प्रयोग
Frequently used in classical ghazal in idioms like 'bāt baṛhānā' to describe the lengthening of sorrow, complaints, or discourse between lover and beloved.
उदाहरण
ग़म-ए-फ़ुर्क़त ने बात और बढ़ाई
ज़रा सी बात को अफ़साना बनाया और बढ़ाया
समानार्थी
फैलाईतूत दीतवील की
संबंधित शब्द
बढ़नाबढ़ोतरीबढ़ावा
