शब्दार्थ
बढ़
baṛh
hiverb stem
अर्थ
लंबा होना, बढ़ना या अधिक होना।
विस्तार
शास्त्रीय उर्दू शायरी में इस क्रिया का तात्पर्य लंबा होना, फैलना या वृद्धि पाना है। इस शे'र में इसका प्रयोग प्रेमी के नाख़ूनों के बड़े होने के संदर्भ में हुआ है, जो ज़ख़्म भरने से पहले ही बढ़कर उन्हें फिर से कुरेद देंगे। यह प्रेम की दीवानगी और निरंतर पीड़ा के कभी न ख़त्म होने वाले चक्र को दर्शाता है।
व्युत्पत्ति
Sanskrit 'वर्धते' (vardhate) through Prakrit 'वढइ' (vaḍhaï), meaning to grow or increase.
प्रयोग
Commonly paired with nouns such as 'dard' (pain) or 'naakhun' (nails) in ghazals to depict madness and uncontrollable torment.
उदाहरण
नाख़ुन का बढ़ जाना
दर्द का हद से बढ़ जाना
समानार्थी
लंबा होनाज़ियादा होनाफैलना
संबंधित शब्द
बढ़नाबढ़ानाबढ़ोतरी
