शब्दार्थ
बज्म
bazm
hinoun
अर्थ
सभा, महफ़िल, मजलिस या उत्सव की बैठक।
विस्तार
शास्त्रीय उर्दू शायरी में 'बज़्म' का अर्थ महफ़िल, सभा या दोस्तों का जमावड़ा होता है। इस शेर में यह 'बज़्म-ए-ख़ामोश' (मौन सभा) के रूप में प्रयुक्त हुआ है, जो एक उदास और शांत महफ़िल की तस्वीर पेश करता है। यह ऐसे समागम को दर्शाता है जहाँ अपने लोग तो एकत्र हैं, किंतु काव्य और बातचीत की रौनक़ अनुपस्थित है।
व्युत्पत्ति
Persian (بزم), meaning feast, gathering, or assembly.
प्रयोग
In ghazal tradition, 'bazm' frequently serves as the setting for the beloved's audience or poetic symposia, commonly contrasted with the lover's isolation.
उदाहरण
रोशन है तेरी याद से बज़्म-ए-ख़याल आज
शमा हर बज़्म में जलती है सहर होने तक
समानार्थी
महफ़िलमजलिसअंजुमनसभा
संबंधित शब्द
बज्म-आराबज्म-ए-अदबबज्म-ए-मय
