शब्दार्थ
बचा
bachā
अर्थ
सुरक्षित रखना, हिफ़ाज़त करना या संभालना।
विस्तार
उर्दू शायरी में 'बचा' (विशेषकर 'बचा बचा के' के रूप में) किसी नाज़ुक वस्तु को अत्यधिक सावधानी और जतन से महफ़ूज़ रखने का भाव व्यक्त करता है। इस शेर में इसका आशय दिल या आत्मा को टूटने और दुनिया के दुखों से बचाने से है। शायर नसीहत देता है कि इसे इतना सहेज कर न रखो, क्योंकि टूटा हुआ दिल आईना-साज़ (ईश्वर) के समक्ष और अधिक प्रिय व सम्मानित होता है।
व्युत्पत्ति
From Sanskrit 'वञ्च्' (vañc, meaning to avoid, move warily) via Prakrit, giving rise to Hindi-Urdu 'बचना' (bachnā) and its causative 'बचाना' (bachānā).
प्रयोग
In the ghazal tradition, 'बचा बचा के' is frequently employed to capture the beloved's cautious glances, the lover's wariness of worldly reproach, or the protective nurturing of a fragile heart.
उदाहरण
दामन बचा के चलना
बचा के रखना दिल को
