शब्दार्थ

बख़िया-हा

bakhiya-ha

hinoun, masculine plural

अर्थ

घाव के टांके, सिलाइयाँ या सीवन।

विस्तार

उर्दू और फ़ारसी शायरी में 'बख़िया-हा' का अर्थ ज़ख़्मों पर लगाए गए अनेक टांके या सीवन है। प्रस्तुत शे'र में आशिक़ के घावों के टांकों की तुलना दुश्मन की तलवार के जौहर (लहरियादार नक़्श) से की गई है। यह आशिक़ के निरंतर ज़ख़्मी होने और प्रेम में मिले असहनीय कष्टों की अधिकता को रेखांकित करता है।

व्युत्पत्ति

Persian: from 'bakhiya' (بخیه, stitch/seam) combined with the Persian plural suffix '-hā' (ہا).

प्रयोग

Commonly invoked in the ghazal tradition alongside imagery of torn collars (chāk-e-garebān) and hopeless healing to emphasize persistent grief.

उदाहरण

बख़िया-हा-ए-दिल का उधड़ना

बख़िया-ए-ज़ख़्म-ए-जिगर

समानार्थी

टांकेसीवनसिलाइयाँ

संबंधित शब्द

बख़ियाज़ख़्मचाकरफ़ू
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