शब्दार्थ
बख़िये
bakhiye
hinoun
अर्थ
टाँका, सिलाई या ज़ख़्म सीने का टाँका।
विस्तार
उर्दू शायरी में 'बख़िया' का आशय घाव या फटे हुए वस्त्र को सिलने वाले टाँके से होता है। प्रस्तुत शेर में आशिक़ कहता है कि उसके जिस्म पर कोई ज़ख़्म ऐसा बचा ही नहीं है जो टाँके लगाने के योग्य हो। यह शब्द प्रायः इश्क़ के ज़ख़्मों को सिलने या दिल के घाव भरने की नाकाम कोशिश के लिए प्रयुक्त होता है।
व्युत्पत्ति
Persian (بخیه, bakhiya), meaning a stitch, quilting, or seam.
प्रयोग
Frequently paired with imagery of the needle (sozan) and thread (taar/rishta) to symbolize the healing or reopening of emotional wounds.
उदाहरण
बख़िया उधेड़ना
चाक-ए-दामन पे बख़िया लगाना
समानार्थी
टाँकासिलाईरफ़ू
संबंधित शब्द
सोज़नरिश्ताज़ख़्मचाक
