शब्दार्थ
बक़ा
baqā
hinoun
अर्थ
अमरता, शाश्वतता, नित्यता, सदा बने रहना।
विस्तार
'बक़ा' का अर्थ अमरता, नित्यता और स्थायी अस्तित्व है, जो 'फ़ना' (नाश) का विलोम है। प्रस्तुत शेर में यह 'आब-ए-बक़ा' (अमृत या आब-ए-हयात) की तरकीब में आया है, जहाँ शराब की मौज को जीवन-रस की संज्ञा दी गई है। सूफ़ी शब्दावली में अपने अस्तित्व को मिटाकर (फ़ना होकर) ईश्वर में सदा के लिए स्थित हो जाने को भी बक़ा कहते हैं।
व्युत्पत्ति
Arabic root ب-ق-ي (b-q-y), meaning to remain, endure, or persist.
प्रयोग
In ghazal poetry, 'baqā' is most often paired with 'fanā' to contemplate the illusion of the mortal world versus the permanence of divine love.
उदाहरण
दहर-ए-फ़ानी में बक़ा की आरज़ू
आब-ए-बक़ा का घूँट
समानार्थी
दवामअमरताजावेदानियत
संबंधित शब्द
फ़नाबाक़ीआब-ए-बक़ा
