शब्दार्थ
बईद
ba'eed
hiadjective
अर्थ
दूर, परे; असम्भव या अनहोनी।
विस्तार
शाब्दिक रूप से इसका अर्थ 'दूर' या 'फ़ासले पर' होता है, लेकिन शायरी में इसका अर्थ 'असंभव' या 'अनहोनी' के लिए भी प्रयुक्त होता है। इस शे'र में 'क्या बईद है' का आशय यह है कि 'यह कोई आश्चर्य की बात नहीं' या 'पूरी तरह संभव है' कि ईश्वरीय अनुकंपा उस लज्जा को ही माफ़ी का सबब मान ले। यह शब्द यहाँ ईश्वरीय दया की व्यापकता और मानवीय संकोच के बीच की कड़ी को दर्शाता है।
व्युत्पत्ति
Arabic root b-'-d (ب-ع-د), pertaining to distance, farness, or remoteness.
प्रयोग
In ghazal poetry, it is most commonly encountered in idioms like 'kya ba'eed hai' (meaning 'it is not surprising or impossible') or 'ba'eed az aql' (far from reason).
उदाहरण
क्या बईद है कि वो करम फ़रमाएँ
अक़्ल से बईद बात
समानार्थी
दूरअनहोनीग़ैर-मुमकिन
संबंधित शब्द
बुअदअबाअद
