शब्दार्थ

बाहर

baahar

hiadverb

अर्थ

बाह्य, परे, किसी स्थान से दूर या परदेस में।

विस्तार

काव्य में 'बाहर' शब्द किसी सीमा, आवरण या दायरे से परे होने का संकेत करता है। इस शे'र में इसका प्रयोग स्वदेश से दूर (परदेस) जाने के संदर्भ में हुआ है, जहाँ इंसान की असल क़द्र पहचानी जाती है, जिस प्रकार सीपी के आवरण से बाहर आकर ही मोती का मूल्य तय होता है।

व्युत्पत्ति

Sanskrit बाह्य (bāhya) via Prakrit बाहिर (bāhira).

प्रयोग

Often paired with concepts of confinement, home, or physical boundaries to dramatize themes of exile, liberation, or transcendent love.

उदाहरण

ग़म के दायरे से बाहर आना

वतन की सरहदों से बाहर

समानार्थी

बेरूनख़ारिजपरे

संबंधित शब्द

अंदरभीतरवतनपरदेस
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