शब्दार्थ
बे-होशी
be-hoshī
hinoun
अर्थ
बेसुधी, अचेतनावस्था, विस्मृति या मूर्च्छा का भाव।
विस्तार
उर्दू शायरी में 'बे-होशी' केवल चिकित्सीय मूर्च्छा नहीं, बल्कि प्रेम की तीव्रता, विरह या मदिरा से उपजी आत्म-विस्मृति की अवस्था है। प्रस्तुत शेर में यह उस निरंतर बेसुधी की ओर संकेत करती है जो आशिक़ को होशमंदी के अज़ाब से बचाए रखती थी, जिसका टूटना दिल के लिए कष्टकारी है।
व्युत्पत्ति
Persian compound formed from the privative prefix 'bē' (without), the noun 'hōsh' (sense/consciousness), and the abstract suffix '-ī'.
प्रयोग
In the ghazal, it is frequently contrasted with 'hosh' (sanity/reason) to elevate ecstatic abandonment over cold rationalism.
उदाहरण
बे-होशी का आलम छा जाना
इश्क़ की बे-होशी से होश में आना
समानार्थी
बे-ख़ुदीबेसुधीग़फ़लतमूर्च्छा
संबंधित शब्द
होशबे-होशमदहोशीख़ुमार
