शब्दार्थ
बे-सवाल
be-sawaal
hiadjective
अर्थ
बिना याचना किए, बिन माँगे, सवाल-रहित।
विस्तार
'बे-सवाल' का अर्थ है बिना कुछ माँगे अथवा याचना-रहित। प्रस्तुत शे'र में यह उन अधरों ('लब-ए-बे-सवाल') की विशेषता बताता है जिन्होंने क्षमा की कोई याचना नहीं की, फिर भी ईश्वरीय कृपा स्वयं उनकी पैरवी करने आ खड़ी होती है। यह बिन माँगे अनुग्रह पाने की गरिमा और परमात्मा की असीम दयालुता को दर्शाता है।
व्युत्पत्ति
Compound of the Persian privative prefix 'be-' (without) and the Arabic noun 'su'āl' (asking, petition, question).
प्रयोग
In classical Urdu poetry, 'be-sawaal' often elevates the lover or sinner who avoids the indignity of begging, relying instead on unspoken grace.
उदाहरण
लब-ए-बे-सवाल पर भी करम की नज़र हुई।
अता हुआ जो बिन माँगे, वो फ़ैज़-ए-बे-सवाल था।
समानार्थी
अयाचकयाचना-रहितख़ामोश
संबंधित शब्द
सवालतलबइल्तिजाउज़्र-ख़्वाह
