शब्दार्थ
बिसयार-गो
bisyaar-go
hiadjective
अर्थ
बहुत बोलने वाला, वाचाल, बातूनी।
विस्तार
फारसी और शास्त्रीय उर्दू शायरी में 'बिसयार-गो' का आशय बहुत बोलने वाले अथवा बातूनी व्यक्ति से है। प्रस्तुत शेर में शायर खुद को गुज़र चुके एक ऐसे वाचाल साथी के तौर पर याद करता है जिसकी निरंतर बातें अब केवल यादों में रह गई हैं। यह शब्द यहाँ बिछोह और आत्मीयता के मिले-जुले भाव को प्रकट करता है।
व्युत्पत्ति
Persian: compound of 'bisyār' (much, many) and 'go' (present stem of 'guftan', to speak).
प्रयोग
Commonly employed in classical ghazal with subtle irony or nostalgic longing to describe an ardent lover who rambles endlessly in passion.
उदाहरण
कोई रफ़्ता-ए-बिसयार-गो था
महफ़िल में वो बिसयार-गो मशहूर था
समानार्थी
बातूनीवाचालपुर-गोज़बाँ-दराज़
संबंधित शब्द
बिसयारगुफ़्तगूसुख़न-गोगोयाई
