शब्दार्थ
बे-सब्र
be-sabr
hiadjective
अर्थ
धैर्यहीन, अधीर, बेचैन, जिसमें सब्र न हो।
विस्तार
शास्त्रीय उर्दू शायरी में 'बे-सब्र' का आशय उस व्याकुलता और अधीरता से है जहाँ आशिक़ के दिल में रंज-ओ-ग़म सहने की शक्ति नहीं बचती। प्रस्तुत शेर में यह लफ़्ज़ प्रेमी के ख़ून से भरे, तड़पते हुए दिल की बेचैनी और असहनशीलता को दर्शाता है। यह विरह और आंतरिक पीड़ा की उस सीमा को व्यक्त करता है जहाँ संयम टूट जाता है।
व्युत्पत्ति
Persian prefix 'be-' (without) combined with Arabic root 'sabr' (patience, endurance).
प्रयोग
Frequently deployed in the ghazal tradition to characterize the lover's frantic inability to endure the hardships and delays of love.
उदाहरण
बे-सब्र दिल को अब किसी पहलू क़रार नहीं।
उस बे-सब्र निगाह ने सारा राज़ अयाँ कर दिया।
समानार्थी
अधीरबेक़रारबेचैनमुज़्तरिब
संबंधित शब्द
सब्रबे-सब्रीकम-सब्र
