शब्दार्थ
ब-सख़्ती-हा
ba-saḵhtī-hā
hiprepositional phrase
अर्थ
कठिनाइयों या कठोरताओं के बीच अथवा साथ
विस्तार
यह फ़ारसी पूर्वसर्ग 'ब' (साथ/से) और बहुवचन 'सख़्ती-हा' (कष्ट, कठिनाइयाँ) का संयुक्त रूप है। इस शेर में इसका भाव ज़िंदगी की क़ैद की कठोरताओं और यातनाओं को झेलते हुए आज़ादी की पहचान होने से है। यह उस तीव्र दबाव और संघर्ष को व्यक्त करता है जिसके भीतर आत्मा क़ैद रहती है।
व्युत्पत्ति
Persian: prefix 'ba-' (in, with, by) + 'sakhtī' (hardness, rigor) + plural suffix '-hā'.
प्रयोग
Frequently used in classical Persianized Urdu ghazal to denote an intensification or multiplicity of sufferings imposed by fate or love.
उदाहरण
ब-सख़्ती-हा-ए-दौराँ
ब-सख़्ती-हा-ए-इश्क़
समानार्थी
ब-मुश्किलातब-दुश्वारीब-तकलीफ़
संबंधित शब्द
सख़्तीरग-हाक़ैद-ए-ज़िंदगी
