शब्दार्थ

ब-सूरत

ba-sūrat

hiadverbial phrase

अर्थ

सूरत के ऐतबार से, ज़ाहिरी तौर पर, देखने में

विस्तार

'ब-सूरत' का अर्थ है बाहरी रूप से या ज़ाहिर तौर पर। ग़ालिब के इस शेर में इसका प्रयोग 'ब-मअ'नी' (अर्थात आंतरिक रूप से) के विलोम के रूप में हुआ है, जहाँ बाहरी दिखावे में मुस्कान केवल एक औपचारिकता है मगर आंतरिक यथार्थ में वह गहरा अफ़सोस है। यह शब्द रूप और सार के दार्शनिक अंतर को दर्शाता है।

व्युत्पत्ति

Persian preposition 'ba' (in, with, by) combined with Arabic 'sūrat' (form, face, appearance).

प्रयोग

In classical Urdu poetry, 'ba-sūrat' is frequently paired with 'ba-ma'nī' to contrast outward superficial reality with inner spiritual or emotional truth.

उदाहरण

ब-सूरत वो मुस्कुराता रहा, ब-मअ'नी रोता रहा।

ब-सूरत आबाद है महफ़िल, ब-मअ'नी वीरान है दिल।

समानार्थी

ज़ाहिरनब-ज़ाहिरसूरतन

संबंधित शब्द

ब-मअ'नीसूरततकल्लुफ़ज़ाहिर
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