शब्दार्थ
बे-सुरूर
be-surūr
hiadjective
अर्थ
आनंदहीन, आत्मिक उल्लास या रस से रहित।
विस्तार
शास्त्रीय काव्य में 'बे-सुरूर' का अर्थ आत्मिक आनंद, रूहानी कैफियत या आंतरिक रस से खाली होना है। प्रस्तुत शे'र में यह ऐसी औपचारिक नमाज़ को संदर्भित करता है जो बिना दिली लगन और रूहानी सुकून के केवल बेजान रस्म की तरह अदा की जा रही हो।
व्युत्पत्ति
Compound formed from the Persian negative prefix 'be-' (without) and Arabic 'surūr' (joy, gladness, pleasure).
प्रयोग
Commonly employed in Sufi and philosophical verse to contrast sterile external ritualism with ecstatic inner experience.
उदाहरण
बे-सुरूर ज़िंदगी का बोझ ढोना
ऐसी बे-सुरूर इबादत का क्या हासिल
समानार्थी
बे-लुत्फ़बे-मज़ाबे-कैफ़नीरस
संबंधित शब्द
सुरूरहुज़ूरकैफ़मस्ती
