शब्दार्थ
बिस्मिल-पसंद
bismil-pasand
hiadjective
अर्थ
तड़पते हुए शिकार को पसंद करने वाला; क़त्ल का शौक़ीन।
विस्तार
यह सामासिक पद ऐसे निष्ठुर माशूक़ अथवा शिकारी की ओर संकेत करता है जिसे अपने शिकार का ख़ून में तड़पना भाता है। प्रस्तुत शे’र में यह क़ातिल की संगदिली को दर्शाता है, जिसे प्रेमी का ख़ून में लोटना बाग़ की सैर जैसा सुखद और मनोरम प्रतीत होता है।
व्युत्पत्ति
Compound formed from Arabic 'bismil' (slaughtered animal, from 'bismillah') and Persian 'pasand' (stem of 'pasandīdan', to like or approve).
प्रयोग
Commonly employed in the ghazal tradition to evoke the aestheticized cruelty of the beloved toward the self-sacrificing lover.
उदाहरण
उसकी निगाह-ए-नाज़ हमेशा बिस्मिल-पसंद रही।
शिकार का ख़ून में लोटना उस बिस्मिल-पसंद क़ातिल को भा गया।
समानार्थी
क़त्ल-पसंदज़ुल्म-पसंदशिकार-पसंद
संबंधित शब्द
बिस्मिलक़ातिलबे-मेहरीग़ल्तीदन
