शब्दार्थ
बिस्तार
bistār
hinoun
अर्थ
फैलाव, विस्तार, प्रसार या किसी बात की तफ़सील।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में 'बिस्तार' (संस्कृत 'विस्तार' का तद्भव रूप) का अर्थ फैलाव, प्रसार या किसी बात का ब्योरा है। इस शे'र में यह दर्शाता है कि महबूब के होंठों से निकली एक दबी सी बात कैसे फैलकर हर किसी की ज़बान पर आ गई। यह दबी हुई बात और उसके असीम फैलाव के विरोधाभास को रेखांकित करता है।
व्युत्पत्ति
Sanskrit (vistāra, meaning spreading or expansion), adapted into Hindi-Urdu (Rekhta) as a Tadbhava form.
प्रयोग
In Urdu ghazal, it is occasionally employed to convey the proliferation of rumors, grief, or elaborate storytelling.
उदाहरण
बात का ऐसा बिस्तार हुआ
ग़म की दास्ताँ का बिस्तार देखा
समानार्थी
फैलावप्रसारतवालत
संबंधित शब्द
विस्तारपसारतफ़सील
