शब्दार्थ
बिसात
bisaat
hinoun
अर्थ
फ़र्श, कालीन, बिछौना, फैलाव अथवा हैसियत।
विस्तार
उर्दू शायरी में 'बिसात' का मूल अर्थ फ़र्श, बिछौना या शतरंज का तख़्ता होता है। लाक्षणिक रूप में यह सामर्थ्य, हैसियत या जीवन के खेल के मैदान को दर्शाता है। प्रस्तुत शेर में 'बिसात-ए-नशात' से तात्पर्य दिल की ख़ुशी और उमंग के बिछे हुए फ़र्श या महफ़िल से है।
व्युत्पत्ति
Arabic (بِسَاط), from the triconsonantal root b-s-t (ب-س-ط) meaning to spread out, unroll, or extend.
प्रयोग
Frequently deployed in the ghazal as an allegory for the chessboard of destiny or the festive carpet of wine and companionship.
उदाहरण
बिसात-ए-इश्क़ पे हम जान हार बैठे हैं
उलट गई तिरे आते ही सब बिसात-ए-जहाँ
समानार्थी
फ़र्शबिछौनाहैसियतसामर्थ्य
संबंधित शब्द
बिसात-ए-शतरंजनशातबस्त
