शब्दार्थ
बोसा
bosa
hinoun, masculine
अर्थ
चुंबन; प्यार से होंठों का स्पर्श।
विस्तार
शास्त्रीय उर्दू शायरी में 'बोसा' का आशय माशूक़ के होंठों या रुख़्सार के चुंबन से है, जिसकी आरज़ू आशिक़ हमेशा पाले रहता है। इस शेर में यह उस प्रेम-उपहार का प्रतीक है जिसे माशूक़ देने में कंजूसी करता है, जबकि आशिक़ का दिल मुफ़्त में हथियाने की फ़िराक़ में रहता है। यह शब्द ग़ज़ल की शोख़ी और नाज़-ओ-नियाज़ की नोकझोंक को उजागर करता है।
व्युत्पत्ति
Derived from Persian بوسه (būsa), from the verb بوسیدن (būsīdan, 'to kiss').
प्रयोग
In the ghazal tradition, the granting, withholding, or promising of a 'bosa' is a classic motif representing romantic negotiation and sweet coyness.
उदाहरण
एक बोसा भी न मिला हसरत-ए-दीदार के बाद
लब-ए-जानाँ से कभी बोसा-ए-पैहम माँगा
समानार्थी
चुंबनक़ुबलाबोसा-ए-लब
संबंधित शब्द
लबरुख़्सारइल्तिफ़ाततमन्ना
