शब्दार्थ
बे-वतनी
be-watani
hinoun
अर्थ
देशहीनता, निर्वासन, वतन से दूरी या बेदख़ली की अवस्था।
विस्तार
उर्दू शायरी में 'बे-वतनी' से तात्पर्य निर्वासन, देश निकाला अथवा अपने वतन से दूर होने के दर्द से है। इस शे'र में यह शब्द एक विडंबनापूर्ण अलगाव को दर्शाता है, जहाँ वतन की सुबह भी सुकून देने के बजाय बेगानापन महसूस कराती है।
व्युत्पत्ति
Formed from the Persian privative prefix 'be-' (without), the Arabic noun 'watan' (homeland), and the Persian abstract noun suffix '-i'.
प्रयोग
Frequently deployed in the ghazal to convey spiritual estrangement, existential wandering, or the psychological pain of being an outsider.
उदाहरण
बे-वतनी का ग़म सहा नहीं जाता
अपने ही शहर में यह कैसी बे-वतनी है
समानार्थी
ग़ुर्बतजिलावतनीपरदेस
संबंधित शब्द
वतनबे-वतनग़ुर्बतवतन-परस्ती
