शब्दार्थ
बाल-फ़िशानी
baal-fishaanii
hinoun
अर्थ
परों को फड़फड़ाना, पंख फैलाना या उड़ान भरना।
विस्तार
'बाल-फ़िशानी' का शाब्दिक अर्थ पंख फड़फड़ाना या उड़ान भरने के लिए पर फैलाना है। ग़ालिब के इस शेर में यह तड़प, बेचैनी और खुशबू की तरह बिखरने की तमन्ना का प्रतीक है। यहाँ जिगर के ज़ख़्म पर पड़ा नमक भी बेताब होकर पर फड़फड़ाते हुए उड़ जाना चाहता है।
व्युत्पत्ति
Persian compound formed from 'bāl' (wing) and 'fishānī' (scattering/fluttering, from the verbal stem 'fishāndan').
प्रयोग
In classical Urdu ghazal, it frequently serves as a vivid metaphor for existential restlessness, captivity longing for release, or the scattering of an essence.
उदाहरण
क़फ़स में असीर परिंदे की बाल-फ़िशानी
शौक़-ए-परवाज़ और बाल-फ़िशानी का आलम
समानार्थी
पर-अफ़्शानीपर-फ़िशानीउड़ान
संबंधित शब्द
बाल-ओ-परपरवाज़निक़हतवहशत
