शब्दार्थ

बे-लुत्फ़

be-lutf

hiadjective

अर्थ

आनंदरहित, नीरस, जिसमें कोई मज़ा या आकर्षण न हो।

विस्तार

शास्त्रीय काव्य में 'बे-लुत्फ़' का अर्थ उस स्थिति या वस्तु से है जो आनंद, रस या आकर्षण से रहित हो। इस शेर में इसका प्रयोग यह दर्शाने के लिए हुआ है कि चमन का लंबा सरव यद्यपि बिल्कुल नीरस या अनाकर्षक नहीं है, फिर भी उसमें महबूब जैसी नज़ाकत और अंदाज़ नहीं है। यह शब्द अक्सर किसी वस्तु में सौंदर्य या मर्म की कमी को व्यक्त करता है।

व्युत्पत्ति

Persian negative prefix 'be-' (without) combined with Arabic 'lutf' (grace, pleasure, charm).

प्रयोग

In ghazal poetry, it commonly evokes the emotional emptiness or aesthetic insipidity of the world when deprived of the beloved's presence or favor.

उदाहरण

बे-लुत्फ़ ज़िंदगी का फ़साना न पूछिए

यारों के बग़ैर महफ़िल बे-लुत्फ़ हो गई

समानार्थी

नीरसबे-मज़ाबे-कैफ़फीका

संबंधित शब्द

लुत्फ़लुत्फ़-अंदोज़अहल-ए-लुत्फ़
← शब्दकोश पर वापस