शब्दार्थ
बुलाए
bulā'e
hiverb
अर्थ
पुकारने या न्योतने पर; बुलाना।
विस्तार
इस शेर में यह 'बुलाना' क्रिया का रूप 'बुलाए न बने' मुहावरे के साथ आया है, जिसका अर्थ है संकोच या विवशता के कारण पुकारने की हिम्मत न होना। शायर कहता है कि मौत तो बिना बुलाए भी आ जाएगी, पर यदि माशूक़ न आए तो उसे बुलाते भी नहीं बनता। यह प्रेम में लाचारी और आत्मसम्मान के द्वंद्व को उजागर करता है।
व्युत्पत्ति
Derived from Middle Indo-Aryan/Prakrit causative forms of 'bol' (to speak/utter), linked to Sanskrit 'brū' / vernacular 'bolnā'.
प्रयोग
In classical Urdu poetry, it often pairs with passive or negative auxiliaries like 'bane' to depict romantic hesitation or helpless silence.
उदाहरण
दिल तो तड़पे मगर बुलाए न बने।
बिन बुलाए मेहमान की तरह आ जाना।
समानार्थी
पुकारेआवाज़ दिएतलब किए
संबंधित शब्द
बुलावाबुलानापुकार
