शब्दार्थ

बाले

baale

hinoun

अर्थ

कान में पहनने की बाली या कुंडल।

विस्तार

उर्दू शायरी में 'बाला' कान में पहनने वाले छल्ले अथवा बाली को कहा जाता है। इस शेर में यह तिर्यक रूप 'बाले' में आया है, जिसका संकेत माशूक़ के कान के मोती (गौहर-ए-गोश) को स्वयं उस बाली से भी न छूने देने की आशिक़ाना ईर्ष्या और हिफ़ाज़त की ओर है। यह नाज़ुक बदन और हुस्न की अति-संवेदनशीलता को दर्शाता है।

व्युत्पत्ति

Hindustani/Sanskrit 'bālā' (diminutive 'bālī'), signifying a circular ring or hoop ornament for the ear.

प्रयोग

Commonly invoked in classical ghazals when describing the beloved's facial ornaments and the intense jealousy evoked in the lover by inanimate objects close to the beloved's skin.

उदाहरण

कान में सोने का बाला

गौहर-ए-गोश का बाले से छू जाना

समानार्थी

बालीकुंडलगोशवाराआवेज़ा

संबंधित शब्द

गोशगौहरज़ेवरमोती
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