शब्दार्थ
बोल
bol
hiverb
अर्थ
बोलना, कहना या उच्चारण करना; यहाँ निषेधार्थ 'मत बोल' रूप में।
विस्तार
शास्त्रीय काव्य में 'बोल' क्रिया के मूल रूप अथवा आज्ञार्थक रूप ('बोलना') में प्रयुक्त होता है। इस शे'र में यह निषेधात्मक आज्ञा ('तू तो न बोल') के रूप में आया है, जहाँ कली को महबूब के लबों की नक़ल करने और खिलने (बोलने) से रोका गया है। यहाँ कली के खिलने और लब खोलने के बीच का सादृश्य स्पष्ट रूप से बाँधा गया है।
व्युत्पत्ति
Sanskrit bolayati / Prakrit bollaï, leading to Old Hindi and Hindustani bolnā.
प्रयोग
Commonly employed in the ghazal to dramatize dialogues of lovers or to contrast speech with expressive silence.
उदाहरण
तू न बोल इतना ख़फ़ा होकर
कुछ तो बोल इस ख़ामोशी के बाद
समानार्थी
कहनाबकनाउच्चारना
संबंधित शब्द
बोलीबोलनाबोलचाल
