शब्दार्थ

बे-रवी

be-ravī

hinoun

अर्थ

महबूब के दीदार से महरूमी अथवा बेरुखी और दूरी।

विस्तार

प्रस्तुत शे'र में इसका आशय महबूब के चेहरे के दीदार से महरूमी और विरह की पीड़ा से है, जिसके कारण आशिक़ निरंतर आँसू बहाने पर विवश है। यह शब्द 'बे-रू-ए' (चेहरे के बग़ैर) अथवा 'बे-रूई' (उपेक्षा व बेरुखी) के काव्यात्मक रूप को व्यक्त करता है। आशिक़ अपने चेहरे को दामन से ढाँपकर बादल की तरह रात-दिन रोता रहता है।

व्युत्पत्ति

Persian compound composed of 'be-' (without) and 'rū' (face/countenance), expressing deprivation of the beloved's sight or cold detachment.

प्रयोग

Employed in classical Urdu poetry to depict the desolate state of separation when the lover is denied the sight of the beloved's face.

उदाहरण

बे-रवी ने तेरी छीना है दिल का चैन-ओ-क़रार

सुब्ह-ओ-शाम अपनी इसी बे-रवी में कटती है

समानार्थी

बे-रूईफ़िराक़महजूरी

संबंधित शब्द

ज़ुल्फ़-ए-यारअब्र-ए-नमतदीदारहिज्र
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