शब्दार्थ
बारगाह
bārgāh
hinoun
अर्थ
दरबार, राजसभा, उच्च उपस्थिति या पूज्य आस्ताना।
विस्तार
'बारगाह' का मूल अर्थ राज-दरबार या दीवान-ए-आम/खास होता है। इस शेर में यह शब्द किसी सांसारिक शासक के महल के बजाय एक आध्यात्मिक 'मर्द-ए-क़लंदर' की उपस्थिति अथवा आस्ताने के लिए प्रयुक्त हुआ है, जिसकी महिमा तख़्त-ओ-ताज और सेनाओं से कहीं अधिक है।
व्युत्पत्ति
Persian: compound of 'bār' (audience, admittance) and 'gāh' (place).
प्रयोग
In classical Urdu poetry, it frequently contrasts the ephemeral majesty of worldly rulers with the supreme court of God or the spiritual authority of saints.
उदाहरण
बारगाह-ए-इलाही में हर सर झुक जाता है।
क़लंदर की बारगाह में शाही ठाठ की ज़रूरत नहीं।
समानार्थी
दरबारआस्तानादीवानमहल
संबंधित शब्द
दरगाहख़ानक़ाहक़लंदरतख़्त
