शब्दार्थ
बे-राज़
be-raaz
hiadjective
अर्थ
रहस्य-रहित; गोपनीय बातों या अंतरंगता से वंचित।
विस्तार
फ़ारसी उपसर्ग 'बे' (रहित) और 'राज़' (भेद) से निर्मित यह शब्द गुप्त बातों या आत्मीय अंतरंगता के अभाव को व्यक्त करता है। प्रस्तुत शेर में यह ढलती रात के पीले चाँद की उस विवशता को दर्शाता है जो प्रेमियों के पारस्परिक संवाद और भेद से वंचित है। यह शब्द गहरे एकाकीपन और दूरी का वातावरण रचता है।
व्युत्पत्ति
Persian: compound of privative prefix 'bē-' (without) and noun 'rāz' (secret, mystery).
प्रयोग
In classical Urdu ghazal, it is employed to highlight isolation and a painful absence of mutual whisperings between lovers.
उदाहरण
बे-राज़-ओ-नियाज़ गुज़री यह उदास रात।
दिल जो अपनों की महफ़िल में भी बे-राज़ रहा।
समानार्थी
राज़-रहितबे-ख़बरअपरिचित
संबंधित शब्द
राज़राज़-ओ-नियाज़नियाज़बे-नियाज़
