शब्दार्थ
बे-रंग
be-rang
hiadjective
अर्थ
रंगहीन, फीका, निष्प्रभ या नीरस।
विस्तार
शास्त्रीय काव्य में 'बे-रंग' का अर्थ केवल रंगहीन होना नहीं, बल्कि रौनक, उत्साह और आकर्षण से खाली होना है। प्रस्तुत शे'र में यह दुनिया के फीकेपन और नीरसता ('आलम-ए-बे-रंग-ओ-बू') को अभिव्यक्त करता है। यह प्रायः सांसारिक शून्यता या आध्यात्मिक विरक्ति का भी प्रतीक बनता है।
व्युत्पत्ति
Persian: prefix 'be-' (without) + 'rang' (color, hue, splendor).
प्रयोग
In the ghazal, it commonly contrasts with the lush, colorful garden ('gulshan') to signify desolation, sorrow, or ethereal detachment.
उदाहरण
बे-रंग ज़िन्दगी
आलम-ए-बे-रंग
समानार्थी
फीकाबे-रौनक़बे-नूरउदास
संबंधित शब्द
बे-रंग-ओ-बूरंग-ओ-बूबे-कैफ़रंगीन
