शब्दार्थ
बे-मज़गी
be-mazgi
hinoun
अर्थ
स्वादहीनता, कड़वाहट, मनमुटाव या रंजिश।
विस्तार
शाब्दिक रूप से इसका अर्थ बेस्वाद होना या फीकापन है, किंतु लाक्षणिक रूप से यह रंजिश, मनमुटाव या कलह को दर्शाता है। प्रस्तुत शेर में 'यराक़-ए-बे-मज़गी' से आशय माशूक़ की उस कड़वाहट और लड़ने की तत्परता से है जो हर घड़ी उपस्थित रहती है। यह आशिक़ और माशूक़ के बीच निरंतर रहने वाले तनाव और खिंचाव को चित्रित करता है।
व्युत्पत्ति
Derived from Persian: the negative prefix 'bē-' (without) combined with 'mazah' (taste/pleasure) and the abstract nominal suffix '-ī'.
प्रयोग
In Urdu ghazal, it frequently describes the petty squabbles, emotional sourness, and lovers' tiffs that interrupt romantic harmony.
उदाहरण
बातों की बे-मज़गी ने महफ़िल का सारा मज़ा किरकिरा कर दिया।
इश्क़ में बे-मज़गी भी कभी-कभी नया लुत्फ़ देती है।
समानार्थी
बदमज़गीनागवारीरंजिशबे-लुत्फ़ी
संबंधित शब्द
मज़ाबे-मज़ायराक़कशमकश
