शब्दार्थ
बे-मज़ा
be-maza
hiadjective
अर्थ
फीका, बेस्वाद, नाराज़, या अप्रसन्न।
विस्तार
शास्त्रीय उर्दू शायरी में 'बे-मज़ा' का अर्थ बेस्वाद होने के साथ-साथ रंजिदा, नाराज़ या अप्रसन्न होना भी होता है। प्रस्तुत शेर में इसका अभिप्राय बुरा मानने या कड़वाहट महसूस करने से है, जहाँ माशूक़ के होंठों की मिठास के कारण रक़ीब गालियाँ सुनकर भी नाराज़ या बेस्वाद नहीं हुआ। यहाँ यह शब्द मानसिक खिन्नता और अरुचि के न होने को रेखांकित करता है।
व्युत्पत्ति
Persian prefix 'be-' (without) + Arabic-derived Persian noun 'maza' (taste, pleasure, relish).
प्रयोग
In the ghazal, poets frequently exploit the double meaning of 'be-maza' spanning both sensory tastelessness and emotional vexation.
उदाहरण
तल्ख़ बातों से सारा महफ़िल का रंग बे-मज़ा हो गया।
शिकवे सुनकर भी वह ज़रा भी बे-मज़ा न हुआ।
समानार्थी
बद-मज़ाना-ख़ुशरंजीदाफीका
संबंधित शब्द
मज़ाबा-मज़ामज़ेदार
