शब्दार्थ

बे-मेहरी

be-mehri

hinoun

अर्थ

बेरुखी, कृपाहीनता, स्नेह का अभाव, निष्ठुरता।

विस्तार

यह शब्द स्नेह, सहानुभूति और दया के अभाव या निष्ठुरता को दर्शाता है। प्रस्तुत शेर में ग़ालिब अपने वतन के मित्रों की बेरुखी और उपेक्षा का स्मरण कराते हैं, जिससे परदेस के कष्ट भी कमतर जान पड़ते हैं। यह अपनों की उदासीनता से उपजी गहरी व्यथा को व्यक्त करता है।

व्युत्पत्ति

Persian: compound of the negative prefix 'be-' (without) and 'mehr' (affection, sunlight, kindness) with the abstract noun suffix '-i'.

प्रयोग

In classical ghazal, the motif of 'be-mehri' is frequently invoked to lament the indifference of the beloved or the callous betrayal of false friends.

उदाहरण

ग़म-ए-दिल पर तुम्हारी बे-मेहरी भारी पड़ी।

अहबाब की बे-मेहरी ने तन्हाई को और गहरा कर दिया।

समानार्थी

बेरुखीसर्द-मेहरीना-मेहरबानीउदासीनता

संबंधित शब्द

मेहरबे-मेहरमेहरबानमेहरबानी
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