शब्दार्थ
बे-बसर
be-basar
hiadjective
अर्थ
दृष्टिहीन, अंधा, या आंतरिक चेतना व सूझबूझ से रहित।
विस्तार
शाब्दिक रूप से इसका अर्थ 'अंधा' अथवा 'दृष्टिहीन' है, परंतु दार्शनिक शायरी में यह आंतरिक दृष्टि (बसीरत) या सूझबूझ के अभाव को दर्शाता है। प्रस्तुत शेर में यह अचेतन और दृष्टिहीन प्रकृति की तुलना 'ख़ुद-निगर' यानी आत्म-जागरूक चेतना से करने के लिए प्रयुक्त हुआ है।
व्युत्पत्ति
Persian preposition/prefix 'be' (without) + Arabic 'basar' (sight, vision).
प्रयोग
Frequently deployed in philosophical ghazals to distinguish between mere outward vision and deeper metaphysical consciousness.
उदाहरण
दिल अगर बे-बसर हो तो रौशनी का जलवा बेकार है।
राह के पत्थरों को क्या ख़बर कि मुसाफ़िर बे-बसर है।
समानार्थी
नाबीनाअंधाबे-नूर
संबंधित शब्द
बसरबसीरतदीदा-वरख़ुद-निगर
