शब्दार्थ
बेबर्ग
be-barg
hiadjective
अर्थ
पत्ते-रहित; साधनहीन, निर्धन या बेसहारा।
विस्तार
शाब्दिक रूप से इसका अर्थ पत्रहीन या बिना पत्तों का होता है, किंतु शास्त्रीय शायरी में यह घोर निर्धनता और साधनहीनता का प्रतीक है। इस शे'र में यह 'बेबर्ग-ओ-साज़' बनकर एक ऐसे विवश और असहाय व्यक्ति की ओर संकेत करता है जिसके पास दुनियावी साज़-ओ-सामान का अभाव है।
व्युत्पत्ति
Persian: 'be' (without, destitute of) + 'barg' (leaf, provision/sustenance).
प्रयोग
Commonly paired with words like 'saaz' or 'navaa' in ghazals to evoke themes of autumn, exile, or the lover's destitute condition.
उदाहरण
बेबर्ग दरख़्त पर ख़िज़ाँ का पहरा है
किसी बेबर्ग मुसाफ़िर को सहारा देना
समानार्थी
बेसर-ओ-सामाँनादारबर्गरहितमुफ़लिस
संबंधित शब्द
बर्गबर्ग-ओ-बारबेबर्ग-ओ-साज़ख़िज़ाँ
