शब्दार्थ
बेबाकी
bebākī
hinoun, feminine
अर्थ
निडरता, निर्भीकता, बेधड़कपन या बेझिझक आचरण।
विस्तार
उर्दू शायरी में बेबाकी का तात्पर्य निडरता, निर्भीक स्पष्टवादिता और संकोचहीन व्यवहार से है। इस शे'र में यह शब्द प्रेम के उस आंतरिक साहस और खुलेपन को दर्शाता है जो किसी कृत्रिम संकोच या भय का मोहताज नहीं होता। यह सच्चे जज़्बे की उस रूहानी गहराई को रेखांकित करता है जहाँ संकोच समाप्त हो जाता है।
व्युत्पत्ति
Persian: formed from the privative prefix 'be-' (without), the noun 'bāk' (fear, dread, apprehension), and the abstract noun suffix '-ī'.
प्रयोग
Commonly paired with gustakhi in ghazal poetry to evoke the lover's audacious disregard for formal decorum in the presence of the beloved.
उदाहरण
उनकी बेबाकी ने महफ़िल का रंग बदल दिया।
इश्क़ में बेबाकी भी इक हुनर मानी जाती है।
समानार्थी
निडरताबेधड़कपनजुर्रतदबंगई
संबंधित शब्द
बेबाकगुस्ताख़ीशौक़जज़्ब
