शब्दार्थ
ब-पर-फ़िशानी
ba-par-fishaani
hiprepositional phrase
अर्थ
पंख फड़फड़ाने या लौ के कांपने के साथ।
विस्तार
शाब्दिक रूप से इसका अर्थ पंखों को फड़फड़ाने या फैलाने से है, जिसे रूपक के तौर पर शमअ (मोमबत्ती) की लौ के कांपने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। इस शेर में यह शमअ की लौ के लर्ज़िश भरे अंदाज़ को बयान करता है, जिससे आशिक़ की रूह के रूहानी कंपन की तुलना की गई है। यह शब्द प्रेम के उल्लास और बेचैनी की नाजुक गतिशीलता को दर्शाता है।
व्युत्पत्ति
Persian: prefix 'ba-' (by, with) + 'par' (wing/feather) + 'fishānī' (scattering/fluttering, from 'fishāndan').
प्रयोग
In classical ghazals, it is predominantly used to evoke the restless agitation of a caged bird, a dying moth, or the trembling flame of a candle.
उदाहरण
शमअ की ब-पर-फ़िशानी से महफ़िल में एक नूरानी हलचल थी।
ब-पर-फ़िशानी-ए-शौक़ दिल को क़रार न आया।
समानार्थी
लर्ज़िशफड़फड़ाहटजुम्बिशतड़प
संबंधित शब्द
पर-फ़िशाँएहतिज़ाज़बाल-ओ-परजल्वा-रेज़ी
