शब्दार्थ
बे-परी
be-parī
hinoun
अर्थ
पंखहीनता, परों का न होना, उड़ने में असमर्थता।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में 'बे-परी' का अर्थ पंखों का न होना अथवा उड़ने में असमर्थता है, जो लाचारी और क़ैद का प्रतीक है। प्रस्तुत शेर में शायर चमन की तड़प से निजात पाने के लिए बे-परी की मन्नत माँगने की बात करता है ताकि उड़ने की चाहत ही ख़त्म हो जाए।
व्युत्पत्ति
Persian compound formed from the privative prefix 'bē-' (without) + 'par' (wing/feather) + the abstract noun suffix '-ī'.
प्रयोग
A frequent motif in ghazal poetry associated with the caged bird, representing profound despondency and the sacrifice of the desire to fly.
उदाहरण
क़फ़स में अब तो बस बे-परी का मातम है
छूटा जो आशियाँ तो बे-परी ही मुक़द्दर ठहरी
समानार्थी
बे-बाल-ओ-परीलाचारीबेबसी
संबंधित शब्द
बे-परपरवाज़क़फ़ससय्याद
