शब्दार्थ
बंध
bandh
hiverb
अर्थ
बँधना, बाँधा जाना या समाँ बँधना।
विस्तार
प्रस्तुत शे'र में 'बंध' क्रिया 'बंधना' की धातु के रूप में प्रयुक्त हुआ है जो निरंतरता ('बंध रही है') को दर्शाता है। यहाँ यह ज़ुल्फ़ और शाने के आसपास एक विशेष हवा या समाँ बँधने और दिल के उलझने की कैफियत को बयां करता है। यह प्रेम में किसी स्थिति के निरंतर क़ायम होने का प्रतीक है।
व्युत्पत्ति
Sanskrit बन्ध (bandha) / बन्धन (bandhana) via Prakrit into Hindi and Urdu.
प्रयोग
In classical ghazal, it often appears in idioms like 'samaa bandhna' or 'rang bandhna' to denote the captivating emergence of an atmosphere or attachment.
उदाहरण
महफ़िल में अचानक ख़ामोशी का एक समाँ बँध गया।
ज़ुल्फ़ के हर ख़म से दिल का एक नया ताँता बँधता है।
समानार्थी
जुड़नासिमटनाउलझना
संबंधित शब्द
बंधनबंदिशबंद
