शब्दार्थ
बेदर्द
bedard
hiadjective
अर्थ
निर्दयी, निष्ठुर, जिसे किसी के दुख की परवाह न हो।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में 'बेदर्द' उस माशूक़ या व्यक्ति को कहा जाता है जो दूसरे की पीड़ा और तड़प से पूर्णतः अप्रभावित रहता है। इस शेर में यह शब्द उस संगदिल महबूब के लिए आया है जो आशिक़ की ख़ून भरी आँखों और बर्बादी के बावजूद ख़ुश और बेपरवाह है। प्रेमी उस निष्ठुर की ख़ुशी में ही अपनी आँखें रोशन मानकर अपनी विवशता को व्यक्त करता है।
व्युत्पत्ति
Persian compound formed from the negative prefix 'be-' (without) and 'dard' (pain, grief, empathy).
प्रयोग
A staple trope in the ghazal tradition used as an epithet for the beloved who watches the lover's torment with detached composure.
उदाहरण
उस बेदर्द ज़माने से कोई उम्मीद न रख
हाल-ए-दिल सुन के भी वो बेदर्द मुस्कुराया
समानार्थी
संगदिलबेरहमज़ालिमनिष्ठुर
संबंधित शब्द
दर्दबेदर्दीदर्दमंद
