शब्दार्थ
बंदा
bandā
hinoun
अर्थ
सेवक, दास, मनुष्य या विनम्रतापूर्वक स्वयं के लिए प्रयुक्त शब्द।
विस्तार
उर्दू शायरी में 'बंदा' का शाब्दिक अर्थ ईश्वर का दास, सेवक या साधारण मनुष्य होता है। विनम्रता के शिष्टाचार में कवि प्रायः 'मैं' के स्थान पर स्वयं को 'बंदा' कहते हैं। प्रस्तुत शेर में 'बंदा-ए-दरगाह' के रूप में यह आशिक की महबूब की चौखट पर समर्पण और अटूट सेवा को व्यक्त करता है।
व्युत्पत्ति
Persian 'bandah' (بندہ), from 'band' (bound, tie, knot), meaning one who is bound or chained, hence a servant or slave.
प्रयोग
In classical ghazal, poets often refer to themselves as 'banda' to express extreme devotion, humbleness, and subjugation before the beloved or the Divine.
उदाहरण
बंदा-ए-आजिज़ का सलाम क़ुबूल हो।
हर एक बंदा ख़ुदा की रहमत का तलबगार है।
समानार्थी
ग़ुलामख़ादिमदाससेवक
संबंधित शब्द
बंदिगीबंदा-नवाज़बंदा-परवरख़ुदा-बंदा
