शब्दार्थ

बुत-शिकनी

but-shikanī

hinoun

अर्थ

मूर्तियों को तोड़ना; भ्रम या अहंकार का विनाश।

विस्तार

शाब्दिक अर्थ में इसका तात्पर्य मूर्तियों को तोड़ना है, किंतु शायरी और सूफ़ी परंपरा में यह आंतरिक भ्रमों, सांसारिक मोह और अहंकार (नफ़्स) को मिटाने का रूपक है। इस शेर में शायर कहता है कि बाहरी मूर्तियों को तोड़ने में महारत हासिल करने के बावजूद, मनुष्य का अपना वजूद (अहंकार) राह में सबसे भारी पत्थर बनकर खड़ा रहता है। इस प्रकार वास्तविक बुत-शिकनी अपनी ‘हस्ती’ या आत्म-मुग्धता को नष्ट करना है।

व्युत्पत्ति

Persian compound of 'but' (idol) and 'shikan' (root of 'shikastan', to break) with the abstract noun suffix '-ī'.

प्रयोग

In the ghazal tradition, 'but-shikani' is often deployed as a trope of profound spiritual rebellion against superficial worship and self-delusion.

उदाहरण

इश्क़ की राह में सबसे पहले नफ़्स की बुत-शिकनी लाज़िम है।

ज़ाहिरी बुत-शिकनी आसान है, पर अपनी अना को तोड़ना कठिन।

समानार्थी

सनम-शिकनीमूर्ति-भंजनबुत-तोड़

संबंधित शब्द

बुत-शिकनबुत-तराशीबुत-कदासंग-ए-गिराँ
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