शब्दार्थ
बोता
botā
अर्थ
बीज डालता है; दिल में उम्मीद या ख़्वाहिश पैदा करता है।
विस्तार
'बोता' क्रिया 'बोना' का पुल्लिंग वर्तमानकालिक रूप है, जिसका शाब्दिक अर्थ भूमि में बीज रोपना है। प्रस्तुत शेर में यह दिल की बंजर ज़मीन में उम्मीद या ख़्वाहिशों के बीज रोपने की निरर्थकता को दर्शाता है। शायर प्रश्न करता है कि जब यह ज़मीन कभी हरी-भरी हो ही नहीं सकती, तो इसमें व्यर्थ अरमान क्यों जगाए जा रहे हैं।
व्युत्पत्ति
From Sanskrit 'वपति' (vapati, sows), which passed into Prakrit as 'ववइ' (vavaï) and developed into Hindi/Urdu 'बोना' (bonā).
प्रयोग
In ghazal poetry, 'bonā' is frequently used in agricultural metaphors where the speaker sows seeds of grief, desire, or thorns in the fertile or desolate ground of the heart.
उदाहरण
सहरा में उम्मीद का बीज क्यों बोता है तू?
कांटे बोता है तो फिर गुल की तमन्ना कैसी?
