शब्दार्थ
बे-ढब
be-ḍhab
hiadjective
अर्थ
अनुचित, भद्दा, बेडौल या टेढ़ा
विस्तार
उर्दू और हिन्दवी शायरी में 'बे-ढब' का अर्थ ऐसा व्यवहार अथवा चाल-चलन है जिसमें सलीका या सच्चाई न हो। इस शे'र में यह शब्द महबूब की 'चालों' की खोट और अनुचित बनावट को प्रकट करने के लिए प्रयुक्त हुआ है। यह अवांछित और अमर्यादित स्थिति की ओर संकेत करता है।
व्युत्पत्ति
Persian privative prefix 'be-' (بے) combined with Indic/Prakrit 'ḍhab' (ढब, meaning manner, form, or style).
प्रयोग
Commonly invoked in ghazal verse to criticize the unseemly caprices of the beloved or the cruel irregularities of destiny.
उदाहरण
ज़माने के बे-ढब तौर-तरीक़े
चालें तमाम बे-ढब हैं
समानार्थी
बे-ढंगाबेडौलनामुनासिबटेढ़ा
संबंधित शब्द
ढबबे-चालफ़रेब
