शब्दार्थ
बैठना
baiṭhnā
hiverb
अर्थ
बैठना, सोहबत में होना या संगत करना।
विस्तार
शाब्दिक अर्थ आसन ग्रहण करना है, किन्तु शायरी में इसका आशय किसी की महफ़िल या सोहबत में शरीक होना है। इस शे'र में 'ग़ैरों में बैठना' यानी रक़ीबों या अजनबियों की संगत में रहने के संदर्भ में आया है। यहाँ भाव यह है कि काँटों के बीच फूल की मौजूदगी से उसकी नफ़ासत कम नहीं होती।
व्युत्पत्ति
Sanskrit उपविशति (upaviśati) via Prakrit बइट्ठ (baiṭṭha) to Hindustani बैठना / بیٹھنا.
प्रयोग
In Urdu poetry, 'ग़ैरों में बैठना' (sitting among strangers/rivals) is a standard trope signifying infidelity, aloofness, or social circumstance.
उदाहरण
ग़ैरों की बज़्म में बैठना गवारा न हुआ
पास आ बैठना और हाल-ए-दिल कहना
समानार्थी
क़ियाम करनानिशस्त रखनातशरीफ़ रखना
संबंधित शब्द
बैठकबिठानाहम-नशीन
